ट्रेन में सोने की स्मगलिंग का खेल, ऐसे बाजारों में ठिकाने लगाते थे सोना, 14.13 करोड़ के एसेट्स जब्त
राजधानी दिल्ली में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस की टीम को सोने की तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। डीआरआई ने 6 लोगों को गिरफ्तार करते हुए 14 करोड़ से ज्यादा की कीमत के सोने, चांदी और भारतीय मुद्रा को जब्त की।
नई दिल्ली: डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने संगठित सोने की तस्करी के नेटवर्क को बेनकाब करने में बड़ी सफलता मिली है। वित्त मंत्रालय ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि डीआरआई ने सोने की तस्करी करने वाले गिरोह किया है। डीआरआई ने नेटवर्क में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार करते हुए 14.13 करोड़ रुपए मूल्य के सोने, चांदी और भारतीय मुद्रा को जब्त किया है।
गिरोह कैसे करता था सोने की तस्करी?
डीआरआई के मुताबिक, यह गिरोह विदेशी मूल के सोने की भारत में तस्करी करने, उसे ट्रेनों के माध्यम से परिवहन करने, पहचान चिह्नों को हटाने के लिए अवैध संयंत्रों में उसे पिघलाने और फिर घरेलू बुलियन बाजार में बेचने में लगा हुआ था। इस अभियान में डीआरआई अधिकारियों ने लगभग 13.41 करोड़ रुपए मूल्य का 8,286.81 ग्राम सोना, 19.67 लाख रुपए मूल्य की 7,350.4 ग्राम चांदी और 51.74 लाख रुपए की भारतीय मुद्रा जब्त की।
कब सामने आया मामला
आपको बता दें कि यह जब्ती सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत की गई। यह मामला तब सामने आया जब डीआरआई अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए कोलकाता से ट्रेन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे एक यात्री को रोका।
पिघलाकर ठिकाने लगाते थे सोना
यात्री के पास विदेशी मुहरों वाला सोना था, जिसे स्टेशन के बाहर किसी अन्य व्यक्ति को पहुंचाना था। अधिकारियों ने तुरंत ही वाहक और प्राप्तकर्ता दोनों को पकड़ लिया। उनकी जानकारी के आधार पर, डीआरआई टीमों ने दिल्ली में तलाशी अभियान चलाया और एक अवैध सोना पिघलाने की सुविधा का पता लगाया।
जांच में आया सामने
जांचकर्ताओं ने पाया कि इस इकाई का उपयोग विदेशी मूल के सोने को पिघलाने और उस पर से पहचान चिह्नों को हटाने के लिए किया जा रहा था, ताकि इसे स्थानीय बाजार में बेचा जा सके। परिसर से अतिरिक्त सोना, चांदी और नकदी बरामद की गई, और सुविधा का संचालन करने वाले प्रबंधक को भी हिरासत में ले लिया गया।
गिरोह का मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार
आगे की जांच के बाद अधिकारी कोलकाता पहुंचे, जहां गिरोह के कथित सरगना का पता एक अन्य अवैध सोना पिघलाने वाली इकाई से चला। इस अभियान के दौरान और अधिक मिलावटी सोना बरामद किया गया। सरगना को दो वाहकों के साथ गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने तस्करी किया हुआ विदेशी चिह्नों वाला सोना प्राप्त किया था, उस पर से चिह्नों को हटाने के लिए उसे पिघलाया और फिर वितरण के लिए ट्रेन से दिल्ली भेजा था।
हर एंगल से मामले की जांच कर रही पुलिस
अधिकारियों ने बताया कि सोने की तस्करी, परिवहन, पिघलाने और बिक्री में शामिल सभी छह लोगों को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। एजेंसी ने कहा कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और तस्करी किए गए सोने के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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