अरिजीत सिंह के बाद अब Shreya Ghoshal भी लेंगी सिंगिंग से ब्रेक! कहा- कभी कभी मेरा भी मन करता है
जनवरी 2026 में अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा कर फैंस को बड़ा झटका दिया। अब श्रेया घोषाल ने भी एक हालिया इंटरव्यू में इसी तरह की बात की है। 42 साल की सिंगर ने कहा कि कभी-कभी उनका मन भी ब्रेक लेने का करता है।
बॉलीवुड के फैंस के लिए एक और चौंकाने वाली खबर आई है। अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने के फैसले पर जहां अभी तक फैंस को यकीन नहीं हो रहा, वहीं अब सिंगर श्रेया घोषाल ने भी इस कदम की ओर इशारा किया है। 42 साल की श्रेया ने एक नए इंटरव्यू में इस बात पर जोर दिया कि लाइव सिंगिंग में स्टेज पर लिप-सिंकिंग करना ऐसी चीज है, जिस पर वह कभी निर्भर नहीं रहना चाहेंगी। अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से ब्रेक लेने के फैसले पर फैंस के बीच चर्चा छिड़ने के बाद, अब श्रेया घोषाल ने कहा है कि जिस दिन उन्हें ऐसा कुछ करना पड़ा, वह गाना बंद कर देंगी। 5 बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकीं श्रेया घोषाल ने कहा कि कभी-कभी उनका मन भी ब्रेक लेने का करता है।
सात बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीत चुकीं श्रेया घोषाल ने ‘एबीपी न्यूज’ से बात करते हुए कहा कि लाइव परफॉर्मेंस देना एक कलाकार के तौर पर उनकी पहचान का अहम हिस्सा है। ‘बैरी पिया’ और ‘मेरे ढोलना’ की सिंगर ने जोर देकर कहा कि स्टेज पर लिप-सिंकिंग करना ऐसी चीज है जिस पर वह कभी निर्भर नहीं रहना चाहेंगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह बहुत अजीब लगता है। जिस दिन मुझे ऐसा करना पड़ेगा, उस दिन मैं गाना बंद कर दूंगी।’
श्रेया घोषाल बोलीं- जब तक आवाज साथ, रियाज जारी रखूंगी
श्रेया घोषाल ने आगे कहा कि जब तक उनकी आवाज उनका साथ देगी और वह अपना रियाज जारी रखेंगी। वह हमेशा स्टेज पर खड़े होकर दर्शकों के लिए लाइव गाना ही पसंद करेंगी।
‘कभी कभी मेरा भी मन करता है ब्रेक ले लूं’
श्रेया घोषाल ने अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास के फैसले को ‘बहादुरी भरा’ कदम बताया और तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी मेरा भी ब्रेक लेने का मन करता है। उन्होंने यह फैसला बहुत बहादुरी से लिया। अरिजीत एक ऐसे इंसान हैं, जो संगीत से बहुत गहराई से जुड़े हुए हैं। वह दिल से एक संगीतकार हैं। वह यह नहीं सोचते कि वह संगीत क्यों बना रहे हैं या उन्हें इससे क्या मिलेगा। वह बस वही करते हैं जिससे उन्हें खुशी मिलती है।’

श्रेया ने बताई अरिजीत सिंह की सबसे बड़ी खूबी
पश्चिम बंगला के मुर्शिदाबाद में पैदा हुईं श्रेया कहती हैं कि संगीत के प्रति अरिजीत सिंह की ईमानदारी ही उन वजहों में से एक है, जिस कारण दर्शक उनसे इतनी गहराई से जुड़ पाते हैं। उन्होंने कहा, ‘उनके लिए, संगीत बाकी सब चीजों से बड़ा है और इसीलिए लोग उन्हें इतना ज्यादा प्यार करते हैं।’
लाइव परफॉर्मेंस पर श्रेया घोषाल के दो टूक बोल
श्रेया ने स्टेज पर लाइव परफॉर्मेंस देने वाले कलाकारों को उनकी जिम्मेदारी को लेकर भी सचेत किया। सिंगर ने कहा, ‘एक एंटरटेनर के तौर पर हम अपनी निजी जिंदगी में जिन मुश्किलों से गुजर रहे होते हैं, वे स्टेज पर नहीं दिखनी चाहिए। लोग हमारे पास संगीत और प्रेरणा के लिए आते हैं। संगीत उन्हें सुकून देता है और उनकी परेशानियों से दूर हटने में उनकी मदद करता है। दर्शकों से मिलने वाला प्यार ही परफॉर्म करने के लिए प्रेरित करता है।’ बातचीत के आखिर में श्रेया घोषाल कहती हैं, ‘जब आपका दिल खुश होता है, तो एनर्जी अपने आप आ जाती है। तालियां और दर्शकों के साथ बातचीत मेरे लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा जरिया बनी हुई हैं।’
कौन हैं श्रेया घोषाल
श्रेया घोषाल का जन्म 12 मार्च 1984 को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ है। वह बॉलीवुड की सबसे मशहूर और सबसे महंगी सिंगर्स में हैं। उन्होंने विभिन्न भारतीय और विदेशी भाषाओं की फिल्मों और एल्बम के लिए गाने रिकॉर्ड किए हैं। श्रेया घोषाल को 5 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 4 केरल राज्य फिल्म पुरस्कार, 2 तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार, 2 BFJA पुरस्कार, 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड और 10 फिल्मफेयर अवॉर्ड (साउथ) मिल चुके हैं।

श्रेया घोषाल के माता-पिता, 4 साल की उम्र से म्यूजिक की ट्रेनिंग
मुर्शिदाबाद के बेरहामपुर में जन्मीं श्रेया घोषाल राजस्थान के कोटा के पास एक छोटे से शहर रावतभाटा में पली-बढ़ीं। उनके पिता बिश्वजीत घोषाल एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के लिए काम करते हैं। जबकि मां शर्मिष्ठा घोषाल होममेकर हैं। महज चार साल की उम्र में श्रेया ने संगीत सीखना शुरू कर दिया था। उनका एक छोटा भाई सौम्यदीप घोषाल भी संगीतकार है। छह साल की उम्र में श्रेया की शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग शुरू हो गई थी।
16 की उम्र, भंसाली की फिल्म और पहले गाने के लिए ही नेशनल अवॉर्ड
श्रेया जब सोलह साल की थीं, तभी फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली की मां ने उन्हें टीवी पर देखा था। श्रेया ने तब सिंगिंग रियलिटी शो ‘सारेगामा’ जीता था। इसी के बाद भंसाली ने उन्हें ‘देवदास’ (2002) में ‘बैरी पिया’ गाने का मौका दिया। यह बॉलीवुड में श्रेया घोषाल का डेब्यू था। इस गाने के लिए उन्हें बेस्ट प्लेबैक सिंगर फीमेल का नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिला।

श्रेया घोषाल के पति और बच्चे
श्रेया ने करीब दस साल तक डेटिंग करने के बाद, 5 फरवरी 2015 को एक पारंपरिक बंगाली समारोह में अपने बचपन के दोस्त शिलादित्य मुखोपाध्याय से शादी कर ली। उनके पति शिलादित्य Truecaller (Business) के ग्लोबल हेड हैं। श्रेया मां भी हैं। उन्होंने 22 मई 2021 को बेटे देवयान को जन्म दिया।
3000 से अधिक गाने गा चुकी हैं श्रेया घोषाल
श्रेया घोषाल ने अब तक के करियर में 3000 से अधिक गाने गाए हैं। इनमें हिंदी में 1160 गाने, बंगाली में 338 गाने, कन्नड़ भाषा में 315, तेलुगू में 284, तमिल में 219, मलयालम में 112, भोजपुरी में 81 और मराठी में 74 गाने गाए हैं। इसके अलावा, वह पंजाबी, अंग्रेजी, असम, नेपाली, तुलू, अंगिका, ओडिया, गुजराती, फ्रेंच और उर्दू में भी सैकड़ों गाने गा चुकी हैं।
‘श्रेया घोषाल दिवस’, मैडम तुसाद म्यूजियम में मोम की प्रतिमा
वह कई टेलीविजन रियलिटी शो में जज के रूप में नजर आई हैं। उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के ओहियो राज्य में सम्मानित किया गया है। वहां गवर्नर टेड स्ट्रिकलैंड ने 26 जून 2010 को ‘श्रेया घोषाल दिवस’ का ऐलान किया था। अप्रैल 2013 में, उन्हें लंदन में यूनाइटेड किंगडम के हाउस ऑफ कॉमन्स के चुनिंदा सदस्यों द्वारा सम्मानित किया गया था। वह प्रतिष्ठित ‘फोर्ब्स’ मैगजीन की ‘सेलिब्रिटी 100’ लिस्ट में 5 बार शामिल हो चुकी हैं। साल 2017 में, श्रेया घोषाल पहली भारतीय सिंगर बनीं, जिनकी मोम की प्रतिमा दिल्ली के मैडम तुसाद म्यूजियम में लगाई गई।
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